हरियाणा रोडवेज की E-ticketing व्यवस्था में बड़ी सेंधमारी, इन तीन जिलों में हुआ लाखों रुपये का घोटाला

चंडीगढ़ :- हरियाणा रोडवेज में दिन प्रतिदिन घोटाले का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा था। इसी घोटाले को कम करने के लिए हरियाणा रोडवेज विभाग ने ई टिकटिंग की सुविधा को शुरू किया था। लेकिन फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए शुरू की गई इस योजना में भी भ्रष्टाचार की खबर सामने आ रही है।

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सबसे पहले अंबाला से लाखों रुपए का घोटाला की खबर सामने आई है। ई टिकटिंग शुरू होने के बाद अंबाला, भिवानी और करनाल के कुछ कर्मचारियों ने लाखों रुपए का घोटाला किया है। इसके बाद रोडवेज विभाग ने कई कर्मचारी और परिचालकों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही बाकी जिले में भी जांच के आदेश जारी किए गए हैं।

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भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए लागू की थी ई टिकटिंग की सुविधा

वहीं दूसरी ओर रोडवेज यूनियन कर्मचारी के समर्थन में खड़ी है। रोडवेज यूनियन के नेताओं का कहना है कि इस घोटाले में कर्मचारियों की कोई गलती नहीं है। बल्कि ई टिकटिंग के लिए जो नई मशीन लगाई गई है उन मशीनों में ही कमी है, जिसकी वजह से पैसों का सही मिलान नहीं हो पा रहा है। अगर परिचालक एक रूट खत्म होने के बाद दूसरे रूट पर निकलता है तो मशीन में पिछले रूट का डाटा अपने आप खत्म हो जाता है। इसलिए परिचालक से अगर पहले ही पिछले रूट के पैसे ले लिए जाते हैं तो यह गड़बड़ी नहीं होती है।

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रोडवेज यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों ने नहीं की कोई गड़बड़

हरियाणा रोडवेज में फर्जीवाड़ा काफी ज्यादा बढ़ गया था इसीलिए इसे रोकने के लिए ई टिकटिंग सुविधा को शुरू किया था, जिसमें बस के अंदर ही यात्री यूपीआई, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या किसी भी ऑनलाइन माध्यम से पेमेंट कर सकते हैं। पेमेंट के बाद यात्रियों को एक प्रिंटेड टिकट दिया जाता है, जिसमें यात्री की पूरी जानकारी लिखी होती है। ई टिकटिंग प्रणाली में टिकट मशीन द्वारा काटी जाती है।

जब परिचालक का एक रूट खत्म हो जाता है और वह नए रूट पर बस को लेकर जाता है तब मशीन में नया रूट डालना पड़ता है और पीछे वाले रूट के डाटा को डिलीट करना होता है । जिससे पिछले रूट में काटी गई टिकट का डाटा भी खत्म हो जाता है। जिन कर्मचारियों पर फर्जीवाड़े का आरोप लगा है उन्होंने कहा है कि उन्होंने जानबूझकर पीछे का डाटा डिलीट नहीं किया है बल्कि नए रूट पर बस को रवाना करने से पहले पुराना डाटा डिलीट करना जरूरी है।

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