Ambala News: विभाग ने रोडवेज कर्मचारियों को दो दिन का दिया था समय, नहीं तो कराई जाती F.I.R

चंडीगढ़ :- भ्रष्टाचार को कम करने के लिए हरियाणा रोडवेज विभाग में प्रदेश की सरकार ने ई टिकटिंग सुविधा को लागू किया गया था। लेकिन अंबाला में ई टिकटिंग को लेकर लाखों रुपए की गड़बड़ी सामने आई है। उसके बाद भिवानी और अन्य जिलों में भी घोटाला देखने को मिला है।

Ambala Bus Stand Enquiry number
Ambala Bus Stand 

इस मामले को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जांच करवाई जा रही है। जहां पर ई टिकटिंग सुविधा को लागू किया था वहां कर्मचारियों ने लाखों रुपए का घोटाला किया है। अंबाला के रोडवेज प्रशासन का कहना है कि उन्होंने कर्मचारियों से ₹300000 की धनराशि जमा कर ली है।

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घोटाला करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जारी हुआ नोटिस

घोटाले की खबर सामने आते ही कर्मचारियों को नोटिस दिया गया था, जिस कर्मचारी पर जितना रुपया बकाया है वह जल्द से जल्द जमा कर दे अन्यथा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। यह नोटिस देने के बाद कर्मचारियों को पैसा जमा करने के लिए 2 दिन का समय दिया गया था।

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FIR की बात सुनते ही कर्मचारियों के होश उड़ गए और खुद को बचाने के लिए उन्होंने घोटाले की राशि को जमा कर दिया। लेकिन अभी भी अधिकारियों का कहना है कि इन कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार अभी भी लटक रही है, यानी इन कर्मचारियों पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

कर्मचारियों के खिलाफ हो सकती है कार्रवाई

रोडवेज अधिकारियों का कहना है भले ही कर्मचारियों ने ₹300000 वापस कर दिए हैं, मगर सरकारी राजस्व को वित्तीय नुकसान पहुंचाने के जुर्म में कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। अब मुख्यालय को फैसला लेना है कि ऐसे कर्मचारियों पर क्या गाज गिरती है? केवल अंबाला ही नहीं बल्कि और भी जिलों में घोटाले की खबर सामने आई है।

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कैसे हुआ ई टिकटिंग मशीन में घोटाला

ई टिकटिंग मशीन के तहत यात्रियों को बस में ई टिकट दी जाती है, लेकिन कर्मचारी डिपो में फोन करके मशीन में दिक्कत आ गई ऐसा बोलकर ई मशीन को रीस्टार्ट करवा देते हैं। इससे मशीन में दर्ज टिकट का पूरा Record खत्म हो जाता है।

जबकि और ड्यूटी करने से पहले बुकिंग इंचार्ज को संबंधित मार्ग का रिकॉर्ड रखना था जो कि उसने नहीं रखा। ऐसा करने से कर्मचारी दूसरे मार्ग पर बस लेकर चले गए और ई टिकट राशि को डिपो में जमा नहीं कराया। अधिकारियों के शक के आधार पर जब रोजाना चलने वाली बसों में डलने वाले डीजल और कमाई का मिलान किया तब पता लगा कि ई टिकटिंग मशीन के तहत कर्मचारी लाखों रुपए का घोटाला कर रहे हैं।

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